
जोशीमठ मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उन्होंने एक साथ कई सारे मुद्दे भी उठाए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ प्रमुख मुद्दे
जोशीमठ में 1976 से यह आशंका जताई जा रही थी की यह कमजोर भूमि है,बावजूद इसके NTPC द्वारा बड़े स्तर पर लगातार निर्माण कार्य किया गया। इस दौरान डेनामिंड्स भी लगाए गए, तत्कालिक बीजेपी विधायक एवं वर्तमान में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अपनी जिम्मेदारी का नही किया निर्वाहन। जब स्थानीय लोगों द्वारा मशाल जलाकर, नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया उसके बाद सरकार की नींद टूटी।
मालिन बस्ती अधिनियम 2016 में लाया गया था 2018 में कानूनी रूप दिया गया, 2021 तक सभी मालिन बस्तियों का सर्वे कराने की बात कही थी जिसके बाद राज्य सरकार ने इस अवधि को 2021 से 2024 तक बड़ा दिया, उस लिहाज से 2024 तक मालिन बस्तियों को नहीं हटाया जा सकता। अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी कल जोशीमठ जायेंगे, साथ ही मैं भी 9 जनवरी को जोशीमठ जाऊंगा। सरकार धर्म के नाम पर राजनीति करती है, साथ ही में मांग करता हूं कि वहां पर सभी लोगों को मुआवजा दिया जाए।









