
लखनऊ:
चर्चित सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले में पूर्व मंत्री और विधायक राजा भैया को सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोबारा जांच के बाद सीबीआई द्वारा दाखिल की गई फाइनल रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए राजा भैया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग को खारिज कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
दोबारा जांच का आधार: मृतक सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद द्वारा मामले में दोबारा जांच की मांग की गई थी, जिसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नए सिरे से तफ्तीश की।
सीबीआई की फाइनल रिपोर्ट: दोबारा जांच के बाद सीबीआई ने कोर्ट में जो फाइनल रिपोर्ट सौंपी, उसमें राजा भैया को आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया। एजेंसी के मुताबिक, उनके खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
विशेष सीबीआई कोर्ट का फैसला: लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट और मामले में सामने आए तमाम तथ्यों की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि राजा भैया के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं है।
अन्य आरोपियों से स्थिति अलग: यह न्यायिक आदेश विशेष रूप से राजा भैया की कथित भूमिका और उससे जुड़ी दोबारा जांच रिपोर्ट से संबंधित है। इस हत्याकांड में अन्य आरोपियों के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई और प्रक्रिया इससे अलग है।
इस फैसले के बाद राजा भैया को इस मामले में कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी राहत मिली है।

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