उत्तराखंड में सड़कों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। लेकिन कई सड़कों को बनाने या फिर उनकी रिपरिंग करने में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कर्मचारी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखते हैं। ऐसी ही सड़क का निर्माण बीरोंखाल से मझगांव बीच में हो रहा था और इस सड़क में भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ मिलकर सारी गुणवत्ता को ठेंगा दिखाते हुए ऐसे सड़क का निर्माण कर दिया जो बमुश्किल से ही कुछ समय तक टिक पाती, वही जैसे ही यह मामला पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज के सामने पहुंचा तो उन्होंने बिना कुछ देर के हुए इस पर एक्शन ले लिया
बताते हैं आपको पूरा मामला
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 121 (309) के किमी0 128.00 से किमी0 158.00 (बीरोंखाल से मझगांव) एवं किमी0 164.00 से किमी0 189.00 (थैलीसैण से सलोनधार) तक मार्ग के पुनः निर्माण एवं सुदृढीकरण कार्य की खराब गुणवत्ता की मीडिया में आई खबरों के आने के बाद लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने एक्शन लेते हुए निर्देश दिया की सड़क की क्वालिटी को बेहतर किया जाए इसके बाद विभाग ने 10 मीटर तक डी.बी.एम. की सतह को उखाड़वा दिया है। शीघ्र ही उक्त स्थान पर निर्धारित मोटाई में डी.बी.एम. से पुनः रिलेईंग का कार्य कराया जाएगा।प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 121 (309) के किमी0 128.00 से किमी0 158.00 (बीरोंखाल से मझगांव) एवं किमी0 164.00 से किमी0 189.00 (थैलीसैण से सलोनधार) तक मार्ग के पुनः निर्माण एवं सुदृढीकरण का कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 121 (309) के किमी0 156(0-2) वह स्थान है जहां नमी होने के कारण धूप नहीं आने की वजह से डी.बी.एम. की सतह लगभग 10 मीटर तक उखड़ गई थी। ई.पी.सी. मोड के अंतर्गत निर्माण एवं सुदृढीकरण करने वाली संबंधित कंपनी पर इसकी जिम्मेदारी तय की गई।श्री महाराज ने बताया कि 10 मीटर तक उक्त सड़क को जेसीबी ब्रेको लोडर से स्क्रैप कर उखाड़ दिया गया है। अब इस स्थान पर निर्धारित मोटाई में डी.बी.एम. से पुनः रिलेईंग कार्य के आदेश दिए गए हैं जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।








