
हरिद्वार:
हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज किए जाने को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
सोमवार को हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा से विधायक अनुपमा रावत ने प्रभावित लोगों के साथ प्रेस क्लब हरिद्वार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन और चुनाव आयोग की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। विधायक का दावा है कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से निवास कर रहे 1,000 से अधिक पात्र मतदाताओं के नाम पर फर्जी तरीके से आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
‘जीवित लोगों को मृत और स्थानांतरित दिखाकर वोट काटने की साजिश’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित साजिश के तहत वर्ग विशेष के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पात्र मतदाताओं को सूची में ‘अनुपस्थित’, ‘स्थानांतरित’ या फिर ‘मृत’ दर्शाकर आपत्तियां दाखिल की गई हैं, जबकि वे लोग वर्षों से यहीं रह रहे हैं।
विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि इस तरह की धांधली से लोकतंत्र की बुनियादी जड़ों पर हमला हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर सोमवार को समर्थकों के साथ संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया है और निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग को भी पत्र भेजा गया है।
क्या बोले प्रभावित मतदाता?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौजूद हरिद्वार ग्रामीण के स्थानीय निवासी और मतदाता अब्दुल हमीद ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे दशकों से इसी क्षेत्र में रह रहे हैं और हर चुनाव में मतदान करते आए हैं। इसके बावजूद उनके नाम पर आपत्ति दर्ज कर उन्हें क्षेत्र से बाहर या अनुपस्थित दिखाने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
प्रमुख बिंदु:
मामला: हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में SIR प्रक्रिया के तहत 1,000 से अधिक पात्र मतदाताओं पर आपत्ति दर्ज।
आरोप: जीवित लोगों को मृत और क्षेत्र में रहने वालों को अनुपस्थित/स्थानांतरित दिखाकर वोट काटने का प्रयास।
कार्रवाई: विधायक अनुपमा रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, अधिकारियों को ज्ञापन दिया और चुनाव आयोग को पत्र भेजा।
.





