
उत्तराखंड में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा हैं, ऐसे में बढ़ते वायु प्रदूषण से चुनौतिया खड़ी हो गई है। खासकर बात करें देहरादून और ऋषिकेश की तो इन दो शहरों में वायु प्रदूषण का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ा है

बता दें कि लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के चलते एक चुनौती जरूर खड़ी हो गई है। फिर चाहे शासन-प्रशासन स्तर पर वायु प्रदूषण से निजात पाने के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता हो, बावजूद बढ़ती जनसंख्या और शहर में बढ़ते ट्रैफिक को लेकर एक चुनौती लगातार बढ़ रही है। हालांकि क्षेत्रीय अधिकारी अधिकारी राजेंद्र चतुर्वेदी ने भी माना कि उत्तराखंड के कई शहर प्रदूषण के इंडेक्स को पार कर चुके हैं, खासकर उत्तराखंड के देहरादून और ऋषिकेश में इन दिनों यह अकड़ा 150 के पर पहुंचा चुका है यह एक चुनौती तो है। क्योंकि सर्दियों में घने कोहरे के चलते प्रदूषण का स्तर ज्यादा बढ़ जाता है

वहीं दून अस्पताल के फिजिसियन डॉ कुमार जी कॉल ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के चलते मरीजों में सांस लेने में ज्यादा दिक्कत आती है ,सर्दियों के मौसम में अस्तमा के पेसेंट ज्यादा बढ़ जाते हैं ,और खासकर यह समस्या बुजुर्गों में देखी जाती है ,हालांकि बच्चों में भी यह समस्या होती है लेकिन कम स्तर पर एहतियात के तौर पर डॉक्टर कुमार जी कॉल ने कहा कि इम्यूनिटी बूस्ट के लिए अच्छे खानपान की जरूरत है साथ ही ज्यादा तली हुई चीजों से बचे ताकि बढ़ते प्रदूषण के खतरे से जो बीमारियां पैदा होती है उसको कम किया जा सके।








