
निज़ामुद्दीन शेख़,काशीपुर
भले ही धरती के भगवान का रूप डॉक्टर को माना गया हो लेकिन आज कलयुगी डॉक्टर भगवान नहीं बल्कि हैवान बन चुके हैं.जिसका जिता जागता सबूत काशीपुर में देखने को मिल रहा है. मामला है काशीपुर के केवीआर हॉस्पिटल का जहाँ डॉक्टर की लापरवाही बजह से एक युवती को फेफड़ों की समस्या और युवती को हाथ गवाना पड़ा है. अब पीड़िता ने हॉस्पिटल पर एसडीएम से कार्यवाही करने की मांग की है.
आपको बता दें की इन दिनों उधम सिंह नगर का निजी हॉस्पिटल केवीआर खूब चर्चाओं में है जिसमे एक बार फिर डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही समाने आई है जहाँ एक युवती फेफड़ों की समस्या को लेकर केवीआर हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे कि ज़ब उनको ड्रीप दी जा रही थी तभी उनकी नस ब्लॉक हो गयी जिससे डॉक्टरों को बार बार बताने के बाद भी उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया जिससे उनका हाथ सूज कर मोटा हो गया. अब हालात है है कि उनकी इस लापरवाही की बजह से उन्हें अपना हाथ गवाना पड़ा है. जिसको लेकर उत्तराखंड मूक बधिर विकलांग समिति ने पीड़िता के साथ जाकर उपजिलाधिकारी से मुलाकात की और एक शिकायत पत्र देते हुए बताया कि इस बच्ची का इलाज केवीआर डॉस्पिटल काशीपुर में किया गया,जब इनसे केस बिगड़ गया तब इन्होनें इसको मुरादाबाद के लिये रेफर कर दिया और वहाँ दिल्ली रेफर किया गया जिससे मासूम बच्ची को अपना हाथ गवाना पड़ा है.यदि इस पर कार्यवाही नहीं हुई तब वह धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगें।
अभय प्रताप,एसडीएम
https://youtu.be/NHSdTXKlhMM
पीड़ित बच्ची के परिजनों ने बताया की इस बच्ची का इलाज केवीआर० डॉस्पिटल काशीपुर में किया गया जब इनसे मामला बिगड़ गया तब इन्होनें इसको मुरादाबाद के लिये रेफर कर दिया और वहाँ दिल्ली रेफर किया गया जिससे मासूम बच्ची को अपना हाथ गवाना पड़ा हम चाहते है कि इसको न्याय मिलना चाहिए.अन्यथा न्याय नहीं मिला तो धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगें
राज किशोर सिंह, पीड़िता का पिता
https://youtu.be/HMHzxqX82m0
https://youtu.be/t9ztf696L5Y










