
हल्द्वानी/नैनीताल: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) में सामने आए 22 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय गबन और भ्रष्टाचार के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट को बेहद अस्पष्ट, सतही और असंतोषजनक करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) पर आरोप है कि संगठन के पैसों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया और वित्तीय अनियमितताओं के जरिए लगभग 22 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इस संबंध में कोर्ट में याचिका दाखिल कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की पीठ ने पुलिस जांच की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। अदालत ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में कई अहम पहलुओं और मुख्य बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया है।
कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि वित्तीय गबन से जुड़े इतने गंभीर मामले की जांच में ढिलाई या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगे के आदेश
हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी और संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामले की गहराई से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, अदालत ने अगली सुनवाई से पहले एक ठोस और स्पष्ट प्रगति रिपोर्ट (Progress Report) पेश करने के आदेश जारी किए हैं।





