वशीकरण का ढोंग कर लोगों से ठगी करने वाले 02 शातिर ठग आए दून पुलिस की गिरफ्त में
अभियुक्तों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, विभिन्न बैंकों के एटीएम व अन्य फर्जी दस्तावेज हुए बरामद
अभियुक्तों द्वारा ठगी के प्रयोजन से अपने तथा अन्य लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके नाम से बैंक में खुलवाए गए थे फर्जी खाते
तांत्रिक उपायों व सिद्धि अनुष्ठानों के माध्यम से वशीकरण कर लोगों की समस्याओं को दूर करने का झांसा देकर दिया जाता था ठगी की घटनाओं को अंजाम
अपनी पहचान छिपाकर स्वयं के वशीकरण विशेषज्ञ/ज्योतिषाचार्य/शास्त्री/तांत्रिक होने संबंधी विज्ञापनों को अभियुक्तों द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया गया था प्रचारित/प्रसारित
पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा अब तक 100 से अधिक व्यक्तियों से ठगी किया जाना आया प्रकाश में, जुटाई जा रही हैं जानकारियां
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के साथ-साथ आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े बाहरी व्यक्तियों व तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने वाले कालनेमियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु वृहद स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के क्रम में दून पुलिस द्वारा लगातार सभी थाना क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश हेतु प्रभावी चेकिंग/सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में दिनांक 12/10/2026 की रात्रि में प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर को गोपनीय रूप से सूचना प्राप्त हुई कि पश्चिमी उ०प्र० के 02 शातिर ठग, जो वशीकरण का ढोंग करके लोगों से ठगी करते हैं, चमन विहार क्षेत्र में किराये पर रह रहे हैं। उनके द्वारा कुछ अन्य व्यक्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके फर्जी बैंक खाते खुलवाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल वे लोगों से ठगी में कर रहे हैं। प्राप्त सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर द्वारा पुलिस टीम के साथ चमन विहार फेज-1 स्थित आशियाना होम्स में औचक छापेमारी की कार्यवाही की गई।
कार्यवाही के दौरान पुलिस द्वारा मौके से 02 व्यक्तियों सलमान पुत्र रियाजुल निवासी शामली उ०प्र० तथा शाहरूख पुत्र शाहिद निवासी जानसठ मुजफ्फरनगर को संदिग्धता के आधार पर हिरासत में लिया गया, जिनके कब्जे से पुलिस को उनके तथा अन्य लोगों के नाम के आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, चैक बुक व अन्य दस्तावेज बरामद हुए।
बरामद दस्तावेजों के संबंध में सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा लोगों को वशीकरण करने का ढोंग करके उनकी समस्याओं को दूर करने के नाम पर ठगी की जाती है तथा लोगों से ठगी करने के लिए उनके द्वारा अपने तथा अन्य लोगों के फर्जी पते के उक्त आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाए गए थे। इनका इस्तेमाल करके लोगों से ठगी का पैसा प्राप्त करने के लिए बैंकों में अलग-अलग खाते खुलवाए गए थे। दोनों अभियुक्तों को पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार करते हुए उनके विरुद्ध कोतवाली पटेलनगर पर मु०अ०सं०- 753/26, धारा 3(5)/318(4)/336(3)/338/340(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पूछताछ का विवरण:
अभियुक्तों से पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि दोनों अभियुक्त विगत डेढ़ माह से पटेलनगर क्षेत्रान्तर्गत चमन विहार में किराये पर रह रहे हैं तथा मूल रूप से शामली तथा मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। अभियुक्तों द्वारा खुद को तांत्रिक बताकर लोगों को वशीकरण करने का झूठा ढोंग करके भोले-भाले लोगों के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
अभियुक्तों द्वारा लोगों से ठगी करने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ/ज्योतिषाचार्य/शास्त्री/तांत्रिक बताते हुए गोपनीय तरीके से तांत्रिक उपायों, सिद्धि अनुष्ठानों के माध्यम से लोगों को वशीकरण करने तथा पारिवारिक/अन्य समस्याओं को सुलझाने से संबंधित विज्ञापनों को प्रचारित-प्रसारित किया गया था। उक्त विज्ञापनों में अपनी पहचान को छुपाते हुए लोगों से संपर्क हेतु केवल अपने मोबाइल नंबर दिए गए थे, जिनके माध्यम से वे लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को तंत्र विद्या के माध्यम से हल करने का झांसा देकर उनसे धोखाधड़ी से पैसे प्राप्त करते थे।
अभियुक्तों द्वारा ठगी के प्रयोजन से अपने तथा 02 अन्य व्यक्तियों दिलनवाज पुत्र समीम तथा मो० भूरा के नाम से फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाए गए थे, जिनमें मूल पते के तौर पर अपने किराये के पते को अंकित किया गया था। इनका उपयोग करके अभियुक्तों द्वारा दिलनवाज तथा मो० भूरा के नाम से अलग-अलग बैंकों में फर्जी खाते भी खुलवाए गए थे, जिनका उपयोग अभियुक्त ठगी की रकम को प्राप्त करने के लिए करने वाले थे। अभियुक्तों से पूछताछ में उनके द्वारा अब तक 100 से अधिक लोगों के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम देने तथा उनके निजी व फर्जी बैंक खातों में भी ठगी की घटनाओं में प्राप्त धनराशि का लेन-देन होने संबंधी तथ्य प्रकाश में आए हैं, जिनके संबंध में जानकारी की जा रही



