
सूचना विभाग में कुछ दिन पहले ही 600 से ज्यादा पोर्टल सूचीबद्ध किए गए इस दौरान है पोर्टल से पूरी जानकारी मांगी गई जिसके आधार पर उनको सूचीबद्ध किया जा सके। जैसे पोर्टल का प्रति महीने कितने व्यूवर्स हैं, इसके साथ ही पोर्टल का स्वामी कौन है, पोर्टल प्रतिमा सूचना विभाग द्वारा निर्धारित न्यूज़ व्यूज प्राप्त कर रहा है कि नहीं। इस दौरान कई सारे पोर्टल ऐसे भी थे जो किसी न किसी वजह से सूचना विभाग द्वारा सूचीबद्ध नहीं किए गए इनमें कुछ ना कुछ कमी पाई गई।
वहीं सूचना विभाग द्वारा यह प्रक्रिया खत्म होने के बाद एक ऐसा ही पोर्टल जिसे सूचीबद्ध नहीं किया गया उसके द्वारा लगातार पोर्टल ने विभाग के एक अधिकारी मनोज श्रीवास्तव का बकायदा नाम लेकर कई खबरें छापी। खबरें कई तरह की छापी गई, जिसके बाद सूचना विभाग के अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने पोर्टल को एक करोड़ का नोटिस थमा दिया है। मनोज श्रीवास्तव के वकील कृष्णा के गोयल ने बकायदा नोटिस भेजा है। नोटिस में मनोज श्रीवास्तव ने कई बातें रखीं हैं साथ ही सवाल किया है की पोर्टल ने किस आधार पर ऐसी खबरें छापी हैं जिससे मनोज श्रीवास्तव की छवि धूमिल हुई है।

