
एक तरफ सपा अपनी खोई हुई जमीन को तलाश रही है दूसरी तरफ सपा के बड़े नेता अपने बयानों से ये बताते रहते हैं की हमें किसी की परवाह नही है, खासतौर पर हिंदुओं के वोटों की जरूरत नही है। और एक बार फिर से सपा के एक बड़े विवादित नेता ने करोड़ों हिन्दुओं की आस्था पर चोट पहुंचाते हुए एक बयान दिया है और इस बार उन्होंने हिंदुओं के मंदिरों के साथ साथ चार धाम में से एक बदरीनाथ मंदिर पर एक बयान दिया है।
ज्ञानवापी सर्वे को लेकर @samajwadiparty के महासचिव @SwamiPMaurya का बड़ा बयान। बोले – केवल ज्ञानवापी ही क्यों? देश के सभी हिंदू मंदिरों की जाँच होनी चाहिए क्योंकि ये अधिकांश मंदिर बौद्ध मठों को तोड़कर बनाए गये हैं। स्वामी प्रसाद ने बदरीनाथ मंदिर को लेकर भी ऐसा ही दावा किया। pic.twitter.com/msnicBnZqU
— SANJAY TRIPATHI (@sanjayjourno) July 27, 2023
सपा के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने बद्रीनाथ धाम को लेकर एक विवादित बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम की जांच कराई जाए तो वह एक बौद्ध मठ निकलेगा। स्वामी प्रसाद मौर्य ने ये बयान ज्ञान व्यापी में हो रही जांच को लेकर दिया है। ज्ञान वापी में सर्वे को लेकर उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट ने भी इजाजद दे दी है। और जब एक न्यूज चैनल के पत्रकार ने उनसे इसी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने अपने जब में यही कहा की हिंदुओं ने भी बौद्ध मठों के उपर मंदिर बना रखे है और बदरीनाथ भी उनमें से एक है।

वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया के माध्यम से दी है।करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र भू बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम पर समाजवादी पार्टी के नेता द्वारा की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है।”महाठगबंधन” के एक सदस्य के रूप में समाजवादी पार्टी के एक नेता द्वारा दिया गया यह बयान कांग्रेस और उसके सहयोगियों की देश व धर्म विरोधी सोच को दर्शाता है।यह विचार इन दलों के अंदर SIMI और PFI की विचारधारा के वर्चस्व कोभी प्रकट करता है।