
संस्कृत एवं राजनीति विज्ञान विभाग डॉ. शिवानन्द नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग उत्तराखण्ड द्वारा विश्व दर्शन दिवस के अवसर पर भारतीय ज्ञानपरम्परा में दर्शन का योगदान (राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में) विषय पर द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 16 एवं 17 फरवरी 2023 को किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मृगांक मलासी ने बताया कि यह राष्ट्रीय सेमिनार भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (ICPR) द्वारा संपोषित किया गया है। इसमें सम्पूर्ण देश से विद्वानों एवं शोधार्थियों ने पंजीकरण करवाया। कार्यक्रम के द्वितीय संयोजक डॉ. मदन शर्मा ने बताया कि Icpr द्वारा इस कार्यक्रम हेतु सहायता राशि भी प्राप्त हुई है। इस सेमिनार में दिल्ली विश्वविद्यालय, हरियाणा विश्वविद्यालय, बिहार, आदि से वक्ताओं को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम दो दिन तक चलेगा जिसमें शोधार्थी अपने शोध पत्रों का वाचन भी करेंगे। कार्यक्रम के समन्वयक श्री कीर्तिराम डंगवाल जी हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्र छात्राओं को शोध के लिए प्रेरणा मिलेगी। डॉ. मृगांक मलासी ने कहा कि दूर दराज से आने वाले छात्रों को भविष्य में शोध के लिए एक नूतन दायित्व सम्भालने हैं जिसकी नींव ऐसे कार्यक्रमों से ही रखी जाती है। छात्र-छात्राएँ अधिक से अधिक प्रतिभाग करें यही हमारा लक्ष्य है। कार्यक्रम में पंजीकरण निःशुल्क है।