उत्तराखंड के कोटद्वार में चर्चाओं में रहे मोहम्मद दीपक का मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। पहले मोहम्मद दीपक का एक वीडियो वायरल हुआ, उसके बाद यह खबर सामने आई कि उनके जिम से 100 से अधिक लोगों ने नाता तोड़ लिया।
इसी बीच हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने मोहम्मद दीपक से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
भाजपा ने इस पूरे मामले में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।
भाजपा ने तथाकथित मोहम्मद दीपक, राहुल गांधी मुलाकात के महिमामंडन पर कटाक्ष करते हुए इसे कांग्रेस के तुष्टिकरण की रणनीति बताया है।
भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने तंज कसते हुए कहा की जो दीपक से मुहम्मद दीपक बन जाएगा वो कांग्रेस के लिए पूज्यनीय है। प्रदेश की जनता ऐसी कालनेमि प्रवृति और उसे बढ़ावा देने वालों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
मीडिया के सवालों का ज़बाब देते हुए उन्होंने ऐसी प्रवृत्ति को देवभूमि की डेमोग्राफी और शांति व्यवस्था के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिन राहुल गांधी को मिलने के लिए कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता लाइन में लगे रहते हैं। सालों साल इंतजार करते हैं और कुछ तो पार्टी भी छोड़ जाते हैं। ऐसे में उन्हीं राहुल गांधी का अल्पकाल की चर्चा के बाद ही आज मोहम्मद दीपक से गले मिलना और उसे बढ़ाचढ़ा कर पेश किया जाना, कहीं ना कहीं उत्तराखंड में तुष्टिकरण को बढ़ावा देने वाला काम है। क्योंकि उनका संदेश स्पष्ट है, जो दीपक से मुहम्मद बनेगा वो उनके लिए हीरो है। पहले ही जिस तरीके से यहां डेमोक्रेसी बदल रही है, वह प्रदेश की चिंता का विषय बना हुआ है। कांग्रेस के दिल्ली में बैठे बड़े बड़े नेताओं का कोटद्वार के प्रकरण में जिस तरह गैरजरूरी टिप्पणियां और सक्रियता दिखाई गई है वह साफ इशारा है कि कांग्रेस पार्टी यहां की डेमोक्रेसी बिगड़ने के प्रयास में लगी है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से जिस तरह प्रचार किया जा रहा है, उससे सवाल उठता है कि क्या वे कहना चाहती है कि जो दीपक कश्यप से मुहम्मद दीपक बन जाएगा वह उनके लिए आदरणीय और नेतृत्वकर्ता साबित होगा।
चमोली ने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस किस तरफ इस प्रदेश को ले जाना चाहते हैं? उन्होंने कहा की वह पुनः दोहरा रहे हैं कि यदि उत्तराखंड के देवत्व को बचाना है तो कांग्रेस को पूरी तरह हटाना होगा और आने वाले समय में जनता यह करने वाली है, क्योंकि जिस तरह कांग्रेस का आलाकमान और स्थानीय नेता तुष्टिकरण को बढ़ावा देने और प्रदेश की डेमोग्राफी खराब करना चाहते हैं, उसे यहां की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा जनता के सहयोग से किसी भी कीमत पर कांग्रेस पार्टी की इस मंशा को सफल नहीं होने देंगे।
कांग्रेस का पक्ष
हालांकि कांग्रेस की ओर से इस मुलाकात को सामान्य और मानवीय संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि किसी भी नागरिक से मुलाकात करना और उसकी बात सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

