
प्रत्यक्ष अवलोकन: उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) से जुड़ी गतिविधियों का जमीनी अवलोकन किया।
एनटीपीसी का लक्ष्य: वर्तमान में एनटीपीसी की कुल क्षमता करीब 91 गीगावाट है, जिसे वर्ष 2037 तक 150 गीगावाट और आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक 240 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना है।
बाल्को और एसईसीएल का भ्रमण: बाल्को में एल्युमिनियम उत्पादन व तकनीकी नवाचारों और एसईसीएल (बिलासपुर) में कोयला खनन व प्रबंधन की व्यवस्थाओं को समझा।
मीडिया एक्सपोजर टूर: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (भारत सरकार) के पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित इस टूर का उद्देश्य पर्वतीय राज्य के पत्रकारों को राष्ट्र की प्रमुख विकास परियोजनाओं से जोड़ना है।
विस्तृत समाचार:
देहरादून/कोरबा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित पांच दिवसीय ‘मीडिया एक्सपोजर टूर’ के तीसरे दिन बुधवार को उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी कोरबा और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) का भ्रमण किया।
एनटीपीसी की भविष्य की योजनाएं और उपलब्धियां
एनटीपीसी कोरबा में आयोजित संवाद बैठक में कार्यकारी निदेशक के. सी. पात्रा ने प्रतिनिधिमंडल के साथ एनटीपीसी की उपलब्धियां साझा कीं:
ऊर्जा क्षमता विस्तार: वर्तमान 91 गीगावाट क्षमता को वर्ष 2037 तक 150 गीगावाट और वर्ष 2047 तक 240 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (PLF): 2,600 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी कोरबा संयंत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 87.71% प्लांट लोड फैक्टर (PLF) दर्ज किया, जो लगातार छठे वर्ष सभी एनटीपीसी स्टेशनों में सर्वाधिक है।
निरंतर संचालन का रिकॉर्ड: कोरबा की यूनिट-7 ने 455 दिन और यूनिट-1 ने 495 दिन लगातार संचालन का रिकॉर्ड बनाया।
पर्यावरण संरक्षण और राख का पुनर्चक्रण (Ash Management)
एनटीपीसी अधिकारियों ने बताया कि कोयला आधारित ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
चारपारा ऐश डाइक: पुनर्वासित क्षेत्र में 4.5 लाख से अधिक पौधे लगाकर इसे हरित क्षेत्र में बदला गया है।
राख का उपयोग: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कोरबा संयंत्र ने 60.71 लाख मीट्रिक टन राख का सफल उपयोग किया।
बाल्को और एसईसीएल में संवाद
बाल्को (BALCO): प्रतिनिधिमंडल ने एल्युमिनियम उत्पादन की आधुनिक प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय प्रबंधन का जायजा लिया।
एसईसीएल (SECL), बिलासपुर: इससे पूर्व एसईसीएल मुख्यालय में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी-संचालन) रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक (तकनीकी-योजना एवं परियोजना) नृपेंद्र नाथ के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंदरियाल ने कहा कि इस टूर का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जमीनी हकीकत और सुरक्षा व पर्यावरण तकनीकों से अवगत कराना है। भ्रमण के दौरान महाप्रबंधक एस. बहरा और एचआर प्रमुख शशि शेखर भी उपस्थित रहे।





